महंगाई, बेरोजगारी और जनविरोधी बजट के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित छह सूत्री मांग पत्र नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।राज्य कमेटी सदस्य डॉ. अब्दुल अजीम खां ने कहा कि केंद्र सरकार का 2023-24 का केंद्रीय बजट ऐसे समय आया है, जब देश की आर्थिक स्थिति दयनीय है। जनता महंगाई से प्रभावित है। इन परिस्थितियों में बजट द्वारा आम जनता की आर्थिक हालात मजबूत करने उन्हें राहत रोजगार देने का काम करना चाहिए। किंतु यह पूरी तरह विफल रहा है। किसान सभा के नेता कैलाश चौहान ने कहा कि किसानों मजदूरों और आम जनता ग्रामीण विकास, किसान सम्मान निधि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, खाद सब्सिडी मनरेगा के बजट में पिछले साल की तुलना में हजारों रुपया कम कर दिया हैं। उन्होंने मजदूरी के साथ मनरेगा के लिए आवंटन में वृद्धि करने, पांच किलो मुफ्त अनाज के साथ पांच किलो सब्सिडी वाला अनाज बहाल करने, अति अमीरों अरबपतियों पर टैक्स बढ़ाकर गरीबों को राहत देने की मांग की। इस दौरान शेर मोहम्मद, शिवाकांत मिश्रा, वीरेंद्र कुमार, समशुलहक चौधरी, परशुराम, श्रवण कुमार आदि मौजूद रहे।