मऊ। जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के पास नवनिर्मित भवन में ब्लड कंपोनेंट सेप्रेशन यूनिट लोकार्पण होने के एक वर्ष बाद भी चालू नहीं हो सकी। इससे मरीजों तथा तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्लड बैंक की क्षमता 400 यूनिट की है। प्रतिदिन 8 से 10 यूनिट ब्लड की खपत होती है। वहीं, प्लेटलेट्स, प्लाज्मा आदि के लिए गंभीर मरीजों को बीएचयू रेफर करना पड़ता है। जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का वर्ष 2022 में लोकार्पण हुआ तो बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की आस जगी थी, लेकिन विभागीय लापरवाही से अभी तक यह संभव नहीं हो पाया। जिला अस्पताल में मरीजों को प्लाज्मा, आरबीसी, प्लेटलेट्स की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ब्लड कंपोनेंट सेप्रेशन यूनिट लगनी थी। मशीन के अधिकांश पार्ट्स जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में आ गए, लेकिन अन्य भाग नहीं आ पाए हैं। इस कारण मशीन शुरू नहीं हो रही है। इसके कारण लोग निजी अस्पतालों में इलाज करवाने को मजबूर हैं।