मऊ। अमृत योजना के तहत दो वार्डो में हजारों की आबादी को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए शुरू हुई पेयजल योजना चार वर्ष बाद भी पूरी नहीं की जा सकी है। अभी तक केवल दो ओवरहेड टैंक ही हैंडओवर हो सके हैं। जबकि दो ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। मार्च 2021 में ही इसे पूरा करना था। जल निगम के आला अधिकारी अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह में हैंडओवर करने का दावा कर रहे हैं।
अमृत योजना के तहत 11.50 करोड़ की लागत से नगर पालिका के बेलवसिया, भदेसरा, बकवल तथा परदहा में वर्ष 2018 में पेयजल योजना कार्य शुरू कराया गया। इसके तहत कार्यदायी संस्था जलनिगम ने बेलबसिया तथा भदेसरा में तो एक वर्ष पूर्व ओवरहेड टैंक बनाने के साथ 50 किमी पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूरा कर यहां की करीब 20 हजार की आबादी में पेयजल आपूर्ति शुरू करा दी, लेकिन बकवल तथा परदहां में यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जबकि मार्च 2021 तक चारों जगहों पर पेयजल योजना किया जाना था। इसी बीच शासन ने जल निगम को ग्रामीण तथा शहरी में बांट दिया। नगरपालिका में कार्य कराए जाने की जिम्मेदारी जल निगम शहरी को सौंप दिया। तकनीकी पेंच के चलते योजना समय से पूरा नहीं हो सकी है। विभागीय लापरवाही के चलते अधूरी पड़ी हैं। ऐसे में एक बड़ी आबादी पेयजल आपूर्ति न होने से बकवल तथा परदहां की लगभग 16 हजार आबादी प्रभावित हो रही है। लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिलने से उनमें विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
इस संबंध में नई बस्ती निवासी मृत्युंजय दुबे, ताजोपुर पश्चिम निवासी बृजेश सिंह का कहना है कि विभागीय उदासीनता के चलते लगातार चार वर्ष से चल रहा ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। इससे शुद्ध पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है। ताजोपुर निवासी रणजीत पांडेय, बब्लू यादव का कहना है कि विभागीय लापरवाही का खामियाजा हम वार्डवासी भुगत रहे हैँ। प्रदूषित पानी के सेवन से हम लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।
ताजोपुर और परदहां में ओवरहेड टैंक का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक नगरपालिका को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
भूपेंद्र कुमार, जल निगम आजमगढ़ शहरी