क्षेत्र के सद्धोपुर स्थित शिव मंदिर के समीप चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक रवि कृष्ण शास्त्री महाराज ने कहा कि जब देवराज इंद्र ने अहंकार वश ब्रजभूमि पर प्रलयंकारी वर्षा किया, तब बालकृष्ण ने अपने नन्हें-से हाथ की कनिष्ठा उंगुली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर वज्रवासियों को आश्रय प्रदान किया। महाराज ने कहा कि जहां भक्त होते हैं, वहां भगवान स्वयं कवच बनकर खड़े हो जाते हैंं। कथा सुनकर उपस्थित भक्त भाव-विभोर हो उठे। कथा के मुख्य यजमान सत्या देवी, मनीष सिंह रहे। इस अवसर पर भूपेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, कृष्णावती देवी, राजकुमारी देवी, घरभरन पांडेय, सर्वजीत सिंह, सुशील सिंह, अनिल सिंह, ओंकार सिंह आदि शामिल थे।