यूरिया की किल्लत को लेकर मधुबन तहसील पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष र?
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मऊ। प्रदेश के किसानों को हो रही खाद-बीज की समस्या और बढ़ते अपराध को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता बुधवार को काफी आंदोलित दिखे। इस दौरान जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीणांचल के तहसीलों पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसमें खाद की कालाबाजारी, बिजली, और बढ़ते अपराध के साथ स्थानीय समस्याओं को शामिल किया गया। मुहम्मदाबाद गोहना: बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ता मुहम्मदाबाद गोहना विधान सभा के प्रभारी अनिल जायसवाल के नेतृत्व में तहसील पहुंचकर सात सूत्री मांगों का ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। अनिल जासवाल ने बताया कि सौंपे गए ज्ञापन में यूरिया की कमी और कालाबाजारी से होने वाले दिक्कतों के साथ नलकूप का बिल मांफ करने, किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज न लगाने, जनपद में आई बाढ से हुई किसानों की फसल का मुआवजा देने, खाद्यान आपूर्ति विभाग में व्याप्त अनियमितता और भ्रष्टाचार की जांच कर कार्रवाई करने, क्षेत्र में जर्जर हो चुके बिजली के तारों को बदलकर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के अतिरिक्त करहां से जहानागंज मार्ग को ठीक कराने, सरसेना से सलहाबाद बाजार तक खराब और जर्जर सड़क के मरम्मत की मांग शामिल थी। पत्रक देने के दौरान मुख्यरुप से वीरेंद्र तिवारी, उमाशंकर सिंह, वीरेंद्र कुशवाहा, छोटेलाल, संजय सिंह, पूर्व सांसद बाल कृष्ण चौहान, बनवारी राम आदि लोग मौजूद रहें। मधुबन: बुधवार को कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राष्ट्रकुवंर सिंह के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता तहसील परिसर पहुंचकर धरना प्रदर्शन किए। इस दौरान मांगों का ज्ञापन एसडीएम लालबाबू दूबे को सौंपे। इसमें किसानों को हो रही यूरिया किल्लत को प्रमुखता से शामिल किया। राष्ट्रकुंवर सिंह ने एसडीएम से मांग किया कि वो अविलंब किसानों के हित में सहकारी समितियों पर यूरिया मुहैया कराएं। दूसरी तरफ धरने को संबोधित करते हुए राष्ट्रकुवंर सिंह ने कहा कि यह समय धान की फसल में यूरिया डालने के लिए सबसे उपयुक्त होता है, लेकिन सहकारी समितियों से यूरिया नदारत है। मजबूरी में किसान निजी दुकानों से महंगे दाम पर यूरिया खरीदने को विवश है। पूर्व विधायक अमरेशचंद्र पांडेय ने कहा कि एक तरफ बाढ़ से सरजू नदी की विनाश लीला तो दूसरी तरफ तालरतोय विकराल रूप से हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई । लेकिन तालरतोय को बाढ़ ग्रस्त घोषित नहीं किया गया। धरने को ब्रम्हानंद पांडेय, सहित अन्य ने संबोधित किया। इस अवसर पर सतीश चंद्र पांडेय, मुन्ना पांडेय, अरविंद शर्मा, संत विजय सिंह, शिवाजी कन्नौजिया, अब्दुल्ला अंसारी आदि लोग उपस्थित रहें।