मऊ। ग्राम स्तर पर कार्य करने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की जिम्मेदारी बहुत बढ़ गई है। विभाग ने सभी को लैपटॉप और प्रिंटर देकर हाईटेक किया है। मरीजों के सूचनाओं को आंकड़ा में एकत्रित कर सरकार की ओर से दी जा रही नि:शुल्क चिकित्सा व्यवस्था जनमानस को उपलब्ध कराना है। यह बातें मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा ने विकास भवन के सभागार में लैपटॉप और प्रिंटर वितरण समारोह में कहीं। कहा कि आज के समय में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की जिम्मेदारी बढ़ गई है। सीएमओ डॉ. श्याम नरायन दुबे ने बताया कि अफसर होने का मतलब अब आपको समाज की भलाई के बारे 24 घंटे सोचना और भलाई के लिये कार्य करना है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बीके यादव ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार पहले भी गैर संचारी रोगों के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों जगह संख्या काफी चिंताजनक है। जिसके लिए सरकार ने नगर से ग्राम स्तर तक स्वास्थ्य चिकित्सा इकाईयों के लिये सब सेंटर और हेल्थ वेलनेश सेंटर स्वीकृति किया है। जहां सभी सीएचओ गैर संचारी रोगियों की देखभाल करके उनके आकडों को आनलाइन इकट्ठा करने उन्हें अपने पोर्टल पर फीड करने की शुरुआत करें। एक दिन में कम से कम 15 मरीजों को देखें और विभाग से मिलने वाली दवाईयां नि:शुल्क उपलब्ध करायें और उन्हें जरूरत पड़ने पर अपने नजदीकी स्वस्थ्य केंद्र पर रेफर करें। जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक संतोष सिंह ने बताया कि जिले में शहर से ग्रामीण स्तर तक स्वीकृत 225 सब सेंटरों और हेल्थ वेलनेस सेंटर क्रियाशील हैं। जहां पर कम्युनिटी हेल्थ अफसर नि:शुल्क परामर्श दे रहे हैं।