मऊ। संक्रमक बीमारियों से बचाने के लिए 14 विभाग मिलकर अभियान चला रहे हैं लेकिन उसका कोई लाख जनता को नहीं मिल रहा। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं तो नाले-नालियां भी जाम हैं। फागिंग भी नहीं हो रही। मच्छरों का आतंक बढ़ गया है, जिसके कारण लोगों की नींद उड़ गई है। ऐसे में संचारी रोग अभियान बेदम साबित हो रहा है। जिले में एक अप्रैल से संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है, जो कागज तक सिमटकर रह गया है। कस्बों से गांवों तक हालात पहले जैसे ही हैं। नालियों का पानी सड़कों और गलियों में बह रहा है। जलनिकासी की व्यवस्था ध्वस्त होने के कारण जगह-जगह गंदा पानी बजबजा रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का भय लोगों को सता रहा है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान की कमान 14 विभागों को सौंपी गई है। इन विभागों के अधिकारी अपने कर्मचारियों के साथ रोज बैठक कर अभियान को सफल बनाने पर चर्चा तो करते हैं लेकिन धरातल पर कोई फर्क नहीं दिखता। हलधरपुर संवाददाता के अनुसार रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के चकरा, बड़ागांव, छिछोर, मलपुर, सेमराजपुर, नसीराबाद और बेलौझा ग्राम पंचायत में नालियों की सफाई नहीं हुई है।मझवारा संवाददाता के अनुसार घोसी ब्लाक क्षेत्र के मलेरीकोट, खैरामुहम्मदपुर और पवनी में नाली चोक होने से जगह जगह जलजमाव रहता है। वलीदपुर संवाददाता के अनुसार नगर पंचायत के उत्तर का पुरा में नाला कूड़े कचरे से पटा पड़ा है।नाले से उठ रही दुर्गंध और पनप रहे मच्छरों के प्रकोप से नगरवासी काफी परेशान हैं।दुबारी संबाददाता के अनुसार फतेहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के मोलनापुर ग्राम पंचायत में सीसी रोड और दुबारी के पालपुरा में नाली निर्माण अधर में होने, हरजिन बस्ती में सीसी रोड पर जलजमाव हो रहा है। मुड़ाडार, लोकया के मझौवा पुरवा, किशुनपुर में सुग्गी चौरा मु्ख्य मार्ग पर पानी बजबजा रहा है। इसी तरह तिघरा गांव में खड़ंजा मार्ग और कुंवरपुरवा, लौवासाथ, अम्मा भेलऊपुर के भवरुपुर के मुख्य मार्ग पर जलभराव होने से मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। नालियों की सफाई नहीं होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सूरजपुर संवाददाता के अनुसार दोहरीघाट ब्लाक क्षेत्र के रोशनपुर गांव में नाली नहीं होने से लोग घरों के सामने गड्ढा खोदकर पानी इकट्ठा कर रहे हैं। मच्छरों निजात दिलाने के लिए न स्वास्थ्य विभाग कुछ कर है न प्रशासन।