मऊ। मिशन शक्ति के तहत ‘कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013’ के प्राविधानों पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुआ। जिलाधिकारी ने महिलीओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए कमेटी बनाने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों के विभागाध्यक्ष को निर्देश दिए कि आईसीसी का गठन करने के साथ इसमें दस व्यक्तियों की कमेटी बनाकर आमजन को जागरूक किया जाए। कहा कि कमेटी के माध्यम से महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, उत्पीड़न को रोका जा सकता है। मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा ने कहा कि महिलाओं के हो रहे उत्पीड़न को रोकने के लिए भारत सरकार ने महिला लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम-2013 लागू किया है। कानून एवं नियमों के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए वह संगठनों के लिए कमेटी स्थापित करने की जरूरत है। इसमें दो प्रकार की समिति होती है। जिसमें आंतरिक शिकायत समिति एवं स्थायी शिकायत समिति, आंतरिक शिकायत समिति के गठन की जिम्मेदारी मालिक की है। कार्यस्थल की हर इकाई मे आंतरिक शिकायत समिति का गठन जरूरी है। आंतरिक शिकायत समिति में चार मुख्य सदस्य होने चाहिए। उत्पीड़न की शिकायत करने के लिए पीडित महिला को यौन उत्पीड़न की घटना घटने के तीन महीने के अंदर लिखित शिकायत करनी होती है। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुंवर मित्रेश कुशवाहा, मुख्य राजस्व अधिकारी केहरी सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज, जिला सूचना अधिकारी डा. धर्मपाल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, विनीता पांडेय एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।