मऊ। मंगलवार को जिले के विभिन्न इलाकों में बूंदाबांदी हुई। इससे ठंड में इजाफा हो गया। मौसम में बार-बार उतार चढ़ाव होने से लोग जहां विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं वहीं फसल नुकसान की चिंता किसानों को सताने लगी है। कृषि विशेषज्ञों किसानों को सतर्क रहने की सलाह दिया है। मंगलवार को सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए रहे। तापमान पर नजर डाला जाए तो अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम में उतार चढ़ाव होने से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में सांस, सर्दी,जुकाम, बुखार, पेट सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीज आ रहे हैं। इस संबंध में जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि मौसम में बार-बार बदलाव से सर्दी, खांसी,जुकाम, बुखार, उल्टी सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीज ओपीडी मेें आ रहे हैं। मौसम बदलाव से रेस्पिरेटरी वायरस एक्टिव हो जाता है जिससे फीवर, गले में खराश, खांसी-सर्दी सहित तमाम दिक्कत होती है। जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता का कहना है कि अभी बूंदाबांदी हुई है। फसलों पर असर नहीं पड़ा है। तेज हवा के साथ बारिश होती है तो दलहनी, तिलहनी फसलों पर असर पड़ सकता है। फसल भी गिर सकती है। किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। रोग लगने पर कृषि विशेषज्ञ से सलाह लेकर रासायनिक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए।