मऊ। जिले के परिषदीय सहित सहायता प्राप्त विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को मोटे अनाज से तैयार हुए भोजन परोसे जाएंगे। वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटे अनाज वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। शासन की तरफ से सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील के मेन्यू में मोटे अनाज का भोजन शामिल करने को कहा गया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सप्ताह में एक दिन मोटे अनाज का भोजन मिड-डे मील के तहत दिए जाने का प्रस्ताव किया गया है। अब परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को सप्ताह में एक दिन मिडे-डे मील के तहत मोटे अनाज का भोजन परोसा जाएगा।
जिले के 1462 सरकारी तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों में लगभग दो लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए मध्याह्न भोजन योजना संचालित हैं। पौष्टिकता में भरपूर मोटे अनाज को फिर से खाने की आदत डालने की कवायद तेज हो गई है। फास्टफुड का सेवन बच्चों के लिए काफी नुकसानदायक हो रहा है। स्कूली बच्चों को इससे होने वाले नुकसान और मोटे अनाज के फायदे को बताया जाता है। जिससे वह घर जाकर अभिभावकों को भी जागरूक करें। अधिकारियों की मानें तो मोटे अनाज को भोजन में शामिल करने के फायदों के बारे में बच्चों को जागरूक तो किया ही जा रहा है साथ ही उनके अभिभावकों को भी प्रोत्साहित किया ज रहा है। इस बाबत जिला समन्वयक एमडीएम पीयूष पांडेय का कहना है कि महानिदेशक का पत्र आया है। शुरूआत में स्कूलों में मोटे अनाज के फायदे के बारे में बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। भविष्य में जल्द ही मोटा अनाज एमडीएम में शामिल किया जाएगा।