परदहां ब्लाक के ताजोपुर गांव में नालियों से निकला गंदा पानी सडक पर बह रहा हैं।
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मऊ। जिले के चारों तहसील क्षेत्र के 31 गांवों में गंदे पानी की निकासी और उसके उपयोग का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए जल्द ही सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। पंचायत विभाग ने इसका माडल तैयार किया है। प्रस्ताव बनाने के साथ एक करोड़ एक लाख रुपया स्वीकृत भी किया जा चुका है। योजना के तहत लखनऊ से आनी वाली टीम विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण देगी। जिले में 671 ग्राम पंचायतें हैं। वर्तमान में जिले के कई गांवों में गंदे पानी की निकासी के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में कई जगहों पर सड़क पर पानी बहता देखा जा सकता है। लेकिन अब इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए शासन ने पंचायतों में सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए एक माडल तैयार किया है। जिसके अनुसार प्रथम चरण में पंचायतराज विभाग ने नौ ब्लॉक के 31 ग्राम पंचायत को इसके लिए चिह्नित किया है। अधिकारियों की मानें तो प्लांट के लिए लखनऊ की टीम जिला स्तर पर प्रशिक्षण देगी। यह योजना स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत होगी। इसके लिए चयनित गांवों को दो भागों में बांटा गया है। पहले भाग में पांच हजार से अधिक जनसंख्या और दूसरे भाग में पांच हजार से कम जनसंख्या वाले गांवों को चिह्नित करना है। जनसंख्या के अनुसार धनराशि उपलब्ध होगी। इतना ही नहीं चिह्नित गांवों की सूचना वेबसाइट पर अपलोड भी की जाएगी। जिला पंचायतराज अधिकारी अभिषेक शुक्ला ने बताया कि सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए जिले के 31 गांव चिह्नित किए गए हैं। इसके लिए एक करोड़ एक लाख रुपये भी स्वीकृत हो चुके हैं। इसके लिए लखनऊ से आने वाली टीम अधिकारियों को प्रशिक्षण देगी।