बेटी से पढ़ाई के संबंध में बातचीत की, हालचाल पूछा और खाना खाने चले गए। घर के अगले हिस्से में वो अपने पुत्र धीरू के साथ बैठे थे। इस दौरान उन्हें तेज आवाज सुनाई दी। उन्होंने सोचा कि घर में कुछ वजनी सामान गिरने के कारण आवाज आई होगी और भोजन करने लगे। कुछ देर बाद पड़ोसी पहुंचे और तेज आवाज आने का कारण पूछा
जिसके बाद भोजन कर रहे पिता-पुत्र खुशी के कमरे के पास पहुंचे। दरवाजा बंद था। धक्का देकर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का नजारा देख सन्न रह गए। उनकी लाइसेंसी दोनाली बंदूक नीचे पड़ी थी। पास में बेटी खुशी गोली से लहूलुहान होकर निढ़ाल पड़ी थी। परिजनों में कोहराम मच गया।
खुशी ने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया इसका कारण किसी को नहीं पता है। सूचना मिलने पर सीओ मधुबन अभय सिंह, एसओ सौरभ राय पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। सीओ अभय सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। जांच की जा रही है।
गोली लगने से संदिग्ध परिस्थिति में मृत खुशी काफी मेधावी छात्रा थी। वह मधुबन स्थित एक निजी विद्यालय की होनहार छात्रा में शुमार थी। उसकी मौत से जहां उसके साथी और विद्यालय प्रबंधन हतप्रभ हैं। वहीं गांव के लोग भी उसके काफी अच्छे स्वभाव के चलते इस घटना से काफी हतप्रभ दिख रहे हैं।