मुहम्मदाबाद गोहना स्थित शिशु आश्रय केंद्र के अंदर पल रहे नन्हें बच्चे।संवाद
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मुहम्मदाबाद गोहना। कस्बा के जमालपुर पोखरा स्थित शिशु आश्रय केंद्र के संचालक को बच्चा बेचने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद शासन ने कड़ा कदम उठाया है। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने कुल 23 बच्चों और शिशुओं को प्रतापगढ़ और लखीमपुर खीरी के आश्रय केंद्रों में 12 से अधिक एंबुलेंस से भेजा। बता दें कि विगत तीन सालों से शिशु आश्रय केंद्र पर पूर्वांचल के 15 जनपदों के लावारिस शिशुओं का पालन पोषण किया जा रहा था। एक सप्ताह पूर्व केंद्र के संचालक को गोरखपुर पुलिस ने बच्चा बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया। इसके बाद से बाल शिशु एवं महिला कल्याण विभाग ने यहां पल रहे बच्चों को अन्यत्र स्थानांतरित करने का निर्देश जारी किया था। मंगलवार को उप जिलाधिकारी मुहम्मदबाद गोहना और मधुबन के उप जिला अधिकारी की देखरेख में शिशुओं को लखीमपुर खीरी और प्रतापगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया। इसके पूर्व जनपद से यहां पहुंचे जिला प्रोबेशन अधिकारी समर बहादुर सरोज जिला संरक्षण अधिकारी शिवानंद सिंह के साथ ही बाल एवं महिला कल्याण समिति के अध्यक्ष रूद प्रताप सिंह, सदस्य नरेंद्र राय, कंचन तिवारी, अनीता सिंह, रामाशंकर यादव शिशु केंद्र पर पहुंचकर शिशुओं के स्थानांतरण की कार्रवाई पूरी कराई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेश अग्रवाल के निर्देश पर सीएससी के चिकित्सकों ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें प्रमाण पत्र जारी किया। तीन से 10 साल के कुल 12 बच्चों को उप जिलाधिकारी मधुबन मनोज तिवारी की देखरेख में लखीमपुर खीरी और नवजात 11 शिशुओं को उप जिलाधिकारी मुहम्मदाबाद गोहाना के एसडीएम अखिलेश सिंह यादव के नेतृत्व में प्रतापगढ़ स्थित शिशु केंद्रों केंद्रों पर भेजा गया।
मुहम्मदाबाद गोहना स्थित शिशु आश्रय केंद्र के बाहर विचार विमर्श करते कर्मचारी अधिकारी और पुलिस।?- फोटो : MAU