मऊ। जिले के सरकारी, सहायता प्राप्त, मदरसा, समाज कल्याण तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (सीटीएस) लागू होगा। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में फर्जी नामांकन रोकने और छह से 14 वर्ष तक के बच्चों की गतिविधियों को ट्रैक कर उनके रिकॉर्ड को रखने में भी सिस्टम मददगार होगा। शासन की तरफ से बेसिक शिक्षा विभाग को बच्चों का डाटा यू-डाइस पोर्टल पर अपलोड करने का फरमान जारी किया गया है। इसके नए सत्र से लागू होने की संभावना जताई जा रही है। जिले में 2854 विद्यालयों में 5,41,486 बच्चे अध्यनरत हैं। सरकारी स्कूलों के साथ मान्यता प्राप्त विद्यालयों तथा मदरसों में अक्सर छात्रों के फर्जी नामांकन की शिकायतें मिलती रहती हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन की तरफ से चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की कवायद तेज हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की गतिविधियों का रिकॉर्ड रखा जाएगा। यू-डाइस पोर्टल पर अपलोड बच्चों के ब्योरों को आधार कार्ड से भी लिंक किया जाएगा। बच्चों का डेटा ऑनलाइन होने से फर्जी नामांकन की शिकायतों पर नकेल कसी जाएगी। यह प्रणाली सभी विद्यालयों में अप्रैल से नए सत्र से लागू होने की संभावना है। अधिकारियों की मानें तो सभी स्कूलों के बच्चों को एप के जरिए यूनिक आईडी कोड दिया जाएगा। जिससे बच्चों के स्कूल न आने की स्थिति के बारे में भी पता लग सकेगा। हालांकि, इसको लागू होने में अभी समय लग सकता है। सीटीएस लागू होने से बच्चों का रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा और पारदर्शिता के साथ बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेंगी। बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि चाइल्ड ट्रेकिंग सिस्टम लागू होने की प्रक्रिया चल रही है। सीटीएस लागू होने से सभी विद्यालयों के शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।