जिलाधिकारी अरुण कुमार ने सीएचस निरीक्षण सही तरीके से नहीं करने पर सीएचसी कोपागंज के अधीक्षक के वेतन को रोकने का निर्देश दिया। साथ ही अन्य को चेताया कि वह अपनी जिम्मेदारी का सही तरीके से निर्वहन करें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें। डीएम बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय की समीक्षा बैठक कर रहे थे। समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेश अग्रवाल ने बताया कि गत माह के मुकाबले संस्थागत प्रसव में सुधार हुआ है,जो अब बढ़कर 95.01 प्रतिशत हो गया है।जबकि फरवरी माह में स्वास्थ्य केंद्रों पर 5502 प्रसव कराए गए। इसके अलावा 36 नवीन प्रसव केंद्र चिह्नित एवं क्रियाशील किए गए। जिस पर जिलाधिकारी ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर शतप्रतिशत प्रसव कराने के निर्देश दिए।
टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान एमआर 1 और एमआर 2 की प्रगति ठीक न होने पर जिलाधिकारी ने समस्त छूटे हुए बच्चों की सूची बनाकर टीकाकरण का कार्य पूरा करने को कहा। जबकि मातृ मृत्यु की समीक्षा के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपुर में एक मृत्यु के कारणों की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने इस संबंध में पूरी रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश सीएमओ को दिया। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान पाया गया कि वर्तमान में जनपद का प्रदेश में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में 14वां स्थान है। वहीं सुपरवाइजर विजिट में मात्र 45 प्रतिशत विजिट कार्य होने पर जिलाधिकारी ने कोपागंज के स्वास्थ्य अधीक्षक का वेतन रोकने का निर्देश दिया। पीएचसी रानीपुर में वैक्सीन के रखरखाव से संबंधित उपकरणों की स्थिति ठीक न होने के साथ ही अन्य आवश्यक उपकरणों की अनुपलब्धता पर जिलाधिकारी ने इसे तत्काल ठीक कराने को कहा। इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ .नरेश अग्रवाल,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. संतोष सिंह सहित जिला स्वास्थ्य समिति के समस्त सदस्य उपस्थित रहे।