मऊ। कोरोना वायरस एक से दो दिन तक ही सक्रिय रहता है। इसके बाद वह स्वत: कमजोर होकर समाप्त हो जाता है। इससे भयभीत होने की नहीं, अपितु सतर्क रहने की जरूरत है। यह कहना है जिले के वरिष्ठ फिजीशियन डा. योगेंद्र कुमार यादव का। उन्होंने कहा कि डर कर नहीं हिम्मत से इसका सामना किया जा सकता है। डॉ. योगेंद्र ने कहा कि यह वायरस सांस के माध्यम से एक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचता है। अगर रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है तो यह कुछ भी नुकसान नहीं कर सकता है। यह वायरस बोलने, छींकने और खांसने से एक से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है। गले मेें एक से दो दिन तक खराश होने के बाद स्वाद और दुर्गंध का पता नहीं चलता है। सांस लेने में तकलीफ के साथ फेफड़ों का प्रभावित करता है। संक्रमित तेज बुखार, खांसी, शरीर और जोड़ों में दर्द से परेशान हो जाता है। बताया कि वायरस स्टील, कांच और मार्बल पर कई दिनों तक सक्रिय रहता है। सांस में तकलीफ और तेज बुखार के बाद यह अधिकतम तीन दिनों में निमोनिया तक पहुंच जाता है। कोरोना वायरस का लक्षण वैसा है जैसा सर्दी जुुकाम और खांसी का होता है। 20 प्रतिशत लोगों में तेज बुखार के साथ दस्त होने के लक्षण पाए जा रहे हैं। हैंड वाशिंग, एक मीटर से अधिक की दूरी और सोशल डिस्टेंसिंग रखना इससे बचाव के बेहतर उपाय हैं। इस समय संक्रमित होने का प्रतिशत दो से तीन है। डा. यादव कहते हैं कि सावधानी बरतें कि किसी के बोलने, छींकने और खांसने की छींटे आप तक न पहुंचने न पाएं।