परदहां ब्लाक के रणवीरपुर गांव स्थित गौशाला में इलाज के अभाव में दम तोडती गाय।संवाद
- फोटो : MAU
बढुआगोदाम। परदहां ब्लाक क्षेत्र के रणवीरपुर गांव स्थित गो आश्रय स्थल में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। मवेशियों को भरपेट चारा नहीं लिने से वह दम तोड़ रहे हैं। इतना ही नहीं मृत मवेशियों के शवों को भी नहीं हटाया जा रहा। ऐसे में चील और कौए उनके मृत शरीर को नोंच रहे हैं। सब कुछ जानकर विभागीय अधिकारी खामोश हैं। गो आश्रय स्थल में 200 से अधिक मवेशी हैं। इनकी देखरेख के लिए पांच कर्मचारियो को लगाया गया है। यहां उन्हें भरपेट चारा, हरा चारा, चोकर आदि दिया जाना है। लेकिन सब कुछ कागज पर चल रहा है। हालत यह है कि पशु बिना चारे के दम तोड़ रहे हैं। चारा देने के नाम पर उनकी नाद में कुछ चारा डाल दिया जा रहा है। जिससे वह भूखे रह जा रहे हैं। नाद की सफाई तक नहीं की जा रही है। इसमें एक से दो इंच काई जम गई है। चारे के नाम पर केवल सूखा भूसा ही खिलाया जा रहा है। विभागीय लापरवाही के चलते भूख और प्यास से तड़प-तड़पकर बेजुबान दम तोड़ रहे हैं। इलाज की बेहतर व्यवस्था न होने से कई मवेशी घायलावस्था में पड़े मौत का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो आश्रय स्थल नदी किनारे पर होने के कारण मृत मवेशियों को नदी में भी फेंका जा रहा है। उपजिलाधिकारी सदर हेमंत चौधरी ने बताया कि गो आश्रय स्थल का स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। जांच में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।