नहीं मिला कैश तो हाईवे कर दिया जाम
नोटबंदी लागू हुए लगभग एक महीने होने जा रहे हैं। लेकिन अभी लोगों को कैश की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। कैशलेस व्यवस्था शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अभी भा नहीं रही है। हालत यह है कि अभी भी एटीएम से लेकर बैंकों में कैश न होने से लोग पैसे के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। नाममात्र के स्थानों पर ही कैशलेस कारोबार हो रहा है। छोटे से लेकर बड़े कारोबारी इस व्यवस्था के लागू होने से मंदी की मार झेल रहे हैं। कैशलेस व्यवस्था को लेकर लोगों में सबसे अधिक परेशान छोटे कारोबारी हैं । मंगलवार को बैंकों की बंदी के चलते नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश एटीएम के भी शटर बंद रहे। नोटबंदी के एक महीने बाद भी बैंकिंग व्यवस्था में सुधार नहीं दिख रहा है। सरकार के लाख दावे के बावजूद स्थिति में सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। बैंक के खुले होने पर किसी प्रकार घंटों लाइन लगाकर लोग अपना काम तो चला ले रहे हैं लेकिन एक दिन भी बैंक और एटीएम बंद होने पर व्यवस्था लड़खड़ा जा रही है। यही कारण है कि बैंक खुले रहने पर अभी भी भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। बैंकों में कैश के अभाव के चलते लोगों का गुस्सा भी उतर जा रहा है। आए दिन नारेबाजी से लेकर सड़क जाम की नौबत आन पड़ जा रही है।