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शासन स्तर से बीएसए को मिला नोटिस

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मऊ। सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील परिवर्तन लागत, रसोइया मानदेय, फल वितरण मद में भेजी गई धनराशि का शत प्रतिशत व्यय नहीं करने पर शासन ने बीएसए को नोटिस भेजा है। शासन स्तर से हुई समीक्षा में 35 प्रतिशत ही धन खर्च करना सामने आया है। जिले के 1600 सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित है। शासन स्तर से मिड-डे मील के संचालन के लिए परिवर्तन लागत, रसोइया मानदेय, फल वितरण मद में शासन स्तर से दो माह पूर्व धनराशि भेजी गई थी। लेकिन अभी तक शत प्रतिशत धनराशि खर्च नहीं हो सका है जबकि 2021-22 का वित्तीय सत्र बीतने में 11 दिन शेष है। शासन स्तर से हुई समीक्षा में विभागीय लापरवाही सामने आई है। समीक्षा में 35 प्रतिशत धन व्यय किया जा सका है। समीक्षा में कहा गया है कि न्यूनतम धनराशि खर्च किया जाना लापरवाही का द्योतक है। योजना के तहत शासन स्तर से उपलब्ध कराए गए धन का शत प्रतिशत आहरण कर 22 मार्च 2022 तक विभिन्न मदों में व्यय किया जाए। जिला समन्वयक मिड-डे-मील पीयूष पांडेय ने बताया कि पीएफएमएस पोर्टल से सभी प्रक्रिया होनी है। नई व्यवस्था के तहत समस्या आई है। शीघ्र ही सभी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएंगी। बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि संक्रमण के चलते विद्यालयों के बंद रहने के चलते बच्चों की उपस्थिति कम रही। इसके चलते एमडीएम का बजट कम खर्च हुआ। अवशेष बजट अगले माह समायोजित किया जाएगा।
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