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ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि ने कार्यालयों में जड़ा ताला

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रतनपुरा ब्लाक में पहुंचकर अधिकारी से जानकारी लेते सीडीओ राम सिंह वर्मा।संवाद - फोटो : MAU
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रतनपुरा। स्थानीय खंड विकास अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों की मनमानी से आजिज प्रमुख प्रतिनिधि कृष्णा राजभर ने अपने समर्थकों के साथ सोमवार को अपराह्न तीन बजे कार्यालय के कंप्यूटर कक्ष एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत के कक्ष में ताला बंद कर दिया। उन्होंने बीडीसी के मानदेय सहित विकास कार्यों के भुगतान में हीलाहवाली का आरोप लगाया। उधर, बीडीओ दिवाकर सिंह की सूचना पर मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, थानाध्यक्ष हलधपुर ब्लॉक परिसर में पहुंचे। अधिकारियों ने प्रमुख प्रतिनिधि के साथ वार्ता की। प्रमुख प्रतिनिधि कृष्णा राजभर का कहना था कि क्षेत्र पंचायत द्वारा कराए गए कार्यों का समय से भुगतान नहीं हो पा रहा है। जून 2021 में क्षेत्र पंचायत की पहली बैठक हुई थी। बैठक में प्रतिभाग करने वाले क्षेत्र पंचायत सदस्यों का मानदेय बार-बार अनुरोध के बावजूद भी उनके खाते में नहीं भेजा गया। कहा कि ब्लाक के कर्मचारी ही ब्लॉक की गोपनीयता भंग करते हैं। विकास कार्यों में अनावश्यक अवरोध पैदा करते हैं और दलालों का जमघट दिनभर रहता है।जनप्रतिनिधियों से सम्मानजनक तरीके से वार्ता भी नहीं करते। इन शिकायतों को सुनने के पश्चात मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी से इन आरोपों के बारे में पूछा। खंड विकास अधिकारी ने कहा की पहली बैठक के समय में मैं यहां पर नहीं था, फिर भी भुगतान करने के लिए मैंने कई बार कहा है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने लेखाकार को बुलाने को कहा परंतु लेखाकार छुट्टी पर थे। मुख्य विकास अधिकारी को बताया गया कि लेखा कार्य का कार्य मनरेगा लेखाकार धनंजय शुक्ला के द्वारा कराया जाता है। मुख्य विकास अधिकारी ने धनंजय शुक्ला से जवाब तलब किया, संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने धनंजय शुक्ला को कड़ी फटकार लगाई। सीडीओ उन्हें ब्लॉक कार्यालय से हटाने के निर्देश दिए। इसके पश्चात मुख्य विकास अधिकारी ने सौहादऱपूर्ण वातावरण में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि कृष्णा राजभर और खंड विकास अधिकारी दिवाकर सिंह के मध्य वार्ता कराई और सारी समस्याओं के समाधान का रास्ता निकाला। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को भी कर्मचारियों पर नकेल कसने की नसीहत दी। सीडीओ ने प्रमुख प्रतिनिधि कृष्णा राजभर को भी इस प्रकार का कदम न उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा मेरा दरवाजा सभी जनप्रतिधियों के लिए हमेशा खुला है,लेकिन कार्यालयों में ताला बंद करने जैसा कार्य नहीं होना चाहिए। सीडीओ ने बंद तालों को तत्काल खुलवाने को कहा। प्रमुख प्रतिनिधि ने तालों को खुलवाया। इस प्रकरण को लेकर संपूर्ण क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज रहा। लोग चर्चा कर रहे थे कि खंड विकास अधिकारी कार्यालय में तालाबंदी की यह घटना अंग्रेजी शासन काल से अब तक के इतिहास में पहली घटना है।
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