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ब्लैकमेलर गैंग सक्रिय, हनी ट्रैप में फंस जा रहे लोग

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मऊ। इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों को हनी ट्रैप में फंसाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। लोगों को अपने जाल में फंसाकर पैसा ऐंठने वाले गैंग काफी सक्रिय है। लोगों को लूटने के लिए हर रोज नए-नए हथकंडे अपनाए जाते हैं। जिले में भी तेजी से हनी ट्रैप की घटनाएं बढ़ रही हैं। अजनबियों को वाट्सऐप पर वीडियो काल कर अश्लील हरकत करते हुए उसकी स्क्रीन रिकार्डिंग कर ब्लैकमेलिंग करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इन मामलों में गैंग के सदस्य ब्लैकमेल कर काफी पैसा वसूल ले रहे हैं। कई मामलों में वाट्सएप पर अजनबी युवती हाय या हेलो लिखकर भेजती है। साथ ही कहा जाता है कि वह उनसे बात करना चाहती है। लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए वीडियो काल कर युवती अपने कपड़े उतारना शुरू देती है और सामने वाले की वीडियो के साथ स्क्रीन रिकार्डिंग कर ली जाती है। जिसके बाद ब्लैकमेल करने का सिलसिला शुरू हो जाता है। पैसा वसूलने के लिए वीडियो को सोशल मीडिया पर डालने तथा परिजनों को भेजने की बात कर डराया जाता है। परिवार और समाज में बदनामी होने के डर से लोग दहशत में आकर पैसा देना शुरू कर देते हैं। जिले में हाल ही में ऐसे दो मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें लोगों को अपने जाल में फंसाकर पैसे वसूले गए। कई मामलों में हनी ट्रैप के शिकार हुए पीड़ित पुलिस के पास जाने से डरते हैं। पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने बताया कि हनी ट्रैप से बचने के लिए लोगों को जागरूक होने के जरूरत है। अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर दोस्ती करने से बचना चाहिए। सोशल मीडिया पर किसी से निजी जानकारी, फोटो, वीडियो किसी भी सूरत में साझा ना करें। किसी भी हाल में अपनी अंतरंग फोटो साझा ना करें। वाट्सएप पर अंजान लोगों का वीडियो कॉल आने पर उस कॉल को उठाने से परहेज करें। संदेह होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस ऐसे मामलों को गंभीरता से लेती है। साइबर टीम शिकायतों पर जांच कर कार्रवाई करती है। लेकिन ऐसे मामलों में सतर्कता से ही बचा जा सकता है। अगर कोई इन शातिरों के जाल में फंस गया है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, पुलिस पीड़ित का नाम उजागर किए बिना जांच कर कार्रवाई करेगी।
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