दोहरीघाट। इस बार नगर पंचायत दोहरी घाट के चुनाव में दो पूर्व नगर पंचायत अध्यक्षों के मैदान में उतरने से मुकाबला काफी रोचक हो गया है। भाजपा के लिए सुरक्षित माने जाने वाली इस सीट पर पार्टी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। पार्टी से टिकट नहीं मिलने से नाराज दोनों नेता बगावत का बिगुल फूंकते हुए चुनाव मैदान में भाजपा प्रत्याशी को चुनौती दे रहे हैं। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष बसपा प्रत्याशी त्रिलोकी प्रसाद सोनकर और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष भाजपा के बागी प्रत्याशी गुलाब चंद्रगुप्त निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में डटे हैं। भाजपा से टिकट न मिलने पर गुलाब चंद गुप्ता निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। वहीं भाजपा ने विनय जायसवाल को उम्मीदवार बनाया। इसे लेकर एक और युवा भाजपा नेता बबलू सोनकर भी बागी होकर निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। दो बागी नेताओं द्वारा भाजपा प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ने से भाजपा के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली नगर पंचायत अध्यक्ष सीट हासिल करने के लिए भाजपा की प्रतिष्ठा बचाने के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। सन 1990 में भाजपा से गुलाब चंद्रगुप्त नगर पंचायत अध्यक्ष रहे। वहीं सन 1995 में बसपा त्रिलोकी प्रसाद सोनकर नगर पंचायत अध्यक्ष चुने गए। इससे पूर्व पीस पार्टी के समर्थन से पुष्पा साहू भी चेयरमैन निर्वाचित हुई थीं।2017 में वेदाना सोनकर उर्फ योगी भाजपा से नगर पंचायत अध्यक्ष चुने गए थे। इस बार नामांकन वापसी के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें भाजपा से विनय कुमार जायसवाल, बसपा से त्रिलोकी सोनकर, सपा से सतीश यादव, आप से मुर्तुजा अहमद उम्मीदवार हैं जबकिपूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष गुलाब चंद्रगुप्त ,राजेश गुप्ता ,बबलू सोनकर तथा विजय गुप्ता भी निर्दल प्रत्याशी के रूप में मैदानमें है। निर्दल विजय गुप्ता को पीस पार्टी ने अपना समर्थन दे दिया है। लेकिन भाजपा से दो बागी उम्मीदवारों के निर्दल लड़ने से पार्टी के सामने विकट स्थिति पैदा हो गई है।इसी सीट पर एक बार बसपा और एक बार पीस पार्टी को छोड़कर हमेशा भाजपा ही जीतती रही है लेकिन इस बदली परिस्थितियों में यह सीट पाने के लिए भाजपा को काफी मेहनत करनी पड़ सकती है। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता इन दोनों नेताओं से अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन करने के लिए राजी करने के प्रयास में जुटे हैं।अब देखना है उन्हें कितनी सफलता मिल पाती है।