मऊ प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश बुद्धिसागर मिश्रा ने चुनावी रंजिश को लेकर हुई मारपीट के दौरान जयराम यादव की हत्या के मामले में दो आरोपियों की जमानत अर्जी मंगलवार को खारिज कर दी गई। जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और डीजीसी फौजदारी राजेश कुमार सिंह राज के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित की। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार मधुबन थाना क्षेत्र के जगनपुर गांव निवासी वेद प्रकाश पुत्र दशरथ की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि चुनावी रंजिश को लेकर दो मई की शाम 7:00 बजे अभियुक्तगण जान से मारने की नियत से लाठी डंडा गड़ासा लेकर उसके दरवाजे पर चढ़ाए और उसके भाई जयराम ,भतीजा राहुल तथा भाभी कलिंदी को मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाई । इलाज के दौरान जयराम की मौत हो गई। मामले में आरोपीगण जगनपुर गांव निवासी प्रभाकर पांडेय पुत्र कामता प्रसाद पांडेय और विनय गोड पुत्र सुरेंद्र नाथ गोड की ओर से जमानत के लिए दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।