मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक बुद्धिसागर मिश्रा ने प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर आत्महत्या करने, जालसाजी कर रुपये हड़प लेने और हत्या के प्रयास के कुल तीन मामलों में तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। एडीजे ने यह आदेश बचाव पक्ष और एडीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया। पहला मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार बलिया जनपद के भीमपुरा थाना क्षेत्र के शंकरपुर मझऊवां गांव निवासी असगर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई । वादी का कथन है कि उसकी बहन को उसके ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि उसकी बहन सायराबानो प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले में आरोपी कोतवाली घोसी क्षेत्र के पवनी गांव निवासी रफीक पुत्र इम्तियाज की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। दूसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के सलाहाबाद गांव निवासी सतीश कुमार सिंह पुत्र महेंद्र सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि आरोपी ने आवास के लिए प्लाट देने के नाम पर उससे बीस लाख रुपये लिया। आरोप है कि न तो प्लाट दिलाया और न ही रुपये वापस किया। पैसा मांगने पर धमकी दे रहा है। मामले में आरोपी कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के कोइरियापार निवासी आबिद फारूखी पुत्र मतिउल्लाह की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। तीसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। वादी मुकदमा रोहित उपाध्याय की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि 9 मई 20 को आरोपी ने उसे जान से मारने की नियत से चाकू से वार किया। जिससे वादी रोहित उपाध्याय को गंभीर चोट आई। मामले में आरोपी बलिया जनपद के उभांव थाना क्षेत्र के तेलवारी गांव निवासी बेलाल पुत्र न्याज अहमद की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया ।