मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामेश्वर ने हत्या और गैर इरादतन हत्या के तीन मामलों में नामजद तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
पहला मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार उसरी रामपुर गांव निवासी चमन मौर्य की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें वादी का कथन है कि आरोपी ने उसे मजदूरी का बकाया नौ हजार रुपये देने के लिए बुलाया था। वह अपने भाई शुभम के साथ 23 मई को आरोपी के यहां गया। इस दौरान आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके भाई शुभम की गोली मारकर हत्या कर दी। और उसकी हत्या का भी प्रयास किया। मामले में आरोपी दोहरीघाट थाना क्षेत्र के उसरी खुर्द गांव निवासी सोमनाथ उर्फ सुग्गन की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया।
दूसरा मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार कुंडा शरीफपुर गांव निवासी चिंतामणि पुत्री प्रदीप राजभर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। वादिनी का आरोप है कि 5 जून की रात्रि में आरोपीगण गोल बनाकर गाली देते हुए उसके दरवाजे पर पहंुच गए। उसके पिता प्रदीप राजभर को लाठी-डंडे से पीट दिया। उन्हें बचाने निर्मला, दीपक और दीपू गए तो आरोपियेां ने उन्हें भी मारपीट कर घायल कर दिया। इलाज के दौरान उसके पिता प्रदीप राजभर की अस्पताल में मौत हो गई। मामले में आरोपी कुंडा शरीफपुर गांव निवासी लालजी की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया।
तीसरा मामला मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार खालिसा गांव निवासी सुभाष पुत्र दीपचंद की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई । वादी का आरोप है कि उसकी मां राधिका दस जून को घास गढ़ने खालिसा के सिवान में गई थी। आरोपी ने अपने खेत में खेत में बाड़ लगाकर उसमें करंट प्रवाहित किया था। करंट की चपेट में आने से उसकी मां राधिका की मौत हो गई। मामले में आरोपी खालिसा गांव निवासी दिनेश राम पुत्र विभूति राम की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद अदालत की ओर से खारिज कर दिया गया।
जिला जज ने बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद आदेश पारित किए।