मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामेश्वर ने हत्या और दहेज हत्या के अलग-अलग मामलों में नामजद दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
पहला मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार गाजीपुर जनपद के मरदह थाना क्षेत्र के महेगवा दीवान पट्टी निवासी मनोज चौहान पुत्र संपत चौहान की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसका भाई चंद्रभान चौहान बढुआ गोदाम में पंक्चर बनाने की दुकान चलाता था। 26 मई को पंक्चर बनाने को लेकर आरोपी ने उसके भाई चंद्रभान चौहान की गोली मारकर हत्या कर दी।
मामले में आरोपी रानीपुर थाना क्षेत्र के एकडंगा गांव निवासी शिवप्रसन्न चौबे उर्फ विकास चौबे पुत्र शशि चौबे उर्फ शशि कुमार चौबे की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया।
दूसरा मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार मधुबन थाना क्षेत्र के सिकडीकोल गांव निवासी जवाहिर पुत्र तिलकधारी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसकी लड़की ममता की शादी 25 जुलाई 2019 को धर्मेंद्र यादव के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज को लेकर ममता को उसके ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे। 26 जून 2023 की रात्रि में ममता की गला दबाकर हत्या कर दी गई।
मामले में आरोपी अनवलपुर गांव निवासी धर्मेंद्र यादव पुत्र रामजीत यादव की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया। जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया।