जिला अस्पताल पर किशोर को कोविड की वैक्सिन लगाते स्वास्थकर्मी।संवाद
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मऊ। जिले में 12 से 14 व 15 से 17 वर्ष आयु के बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। चिकित्सकों की सलाह है कि उन बच्चों को प्राथमिकता पर टीका लगवाना चाहिए, जो कि पहले किसी बीमारी से जूझ रहे है। हालांकि 12 से 14 वर्ष आयु के बच्चों में टीकाकरण का ग्राफ अभी 15 से 17 वर्ष आयु के लाभार्थियों के टीकाकरण को लेकर काफी जागरूकता दिख रही है। हालात यह है कि जागरूकता के चलते इस वर्ग का टीकाकरण शतप्रतिशत होने की राह पर है। जिला प्रतीरक्षण अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि टीकाकरण हर वर्ग के लोगों के लिए लाभदायक है। जिले में चार मार्च से 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण जिला अस्पताल, महिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी-पीएचसी किया जा रहा है। बताया कि इस दौरान इस उम्र के 93 हजार बच्चों का टीकाकरण करना है। इसके सापेक्ष मंगलवार तक नौ हजार बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। बताया कि शासन ने बेहद सही समय पर टीकाकरण का निर्णय लिया है। यह टीकाकरण उन बच्चों के लिए काफी लाभदायक है जो कि पहले से किसी बीमारी से ग्रसित है। क्योंकि पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे बच्चों को आम बच्चों की तुलना में संक्रमण का खतरा ज्यादा है। ऐसे में उन्होंने टीकाकरण कराया है, तो वायरस से काफी बचाव होगा। अगर बच्चा संक्रमित होता है तो उनमें लक्षण कम होने की संभावना है। जिला प्रतीरक्षण अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि टीकाकरण करने की नीति होती है, जब भी शासन द्वारा टीकाकरण किया जाता है तो यह चरणबद्ध अभियान के तहत होता है। इसी तरह से सबसे पहले हेल्थवर्कर, फ्रंटलाइन वर्करों का टीकाकरण के बाद बुजुर्गों का टीकाकरण किया। इसके बाद 18 से 45 वर्ष फिर 15 से 17 वर्ष के आयु का लोगों का टीकाकरण किया गया। वर्तमान में चार मार्च से 12 से 14 वर्ष आयु के लाभार्थियों का टीकाकरण किया जा रहा है। इंद्रधनुष अभियान और पोलियो टीकाकरण के चलते कोरोना टीकाकरण पर प्रभाव पड़ा हुआ है। जिला प्रतीरक्षण अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में टीकाकरण का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। 15 से 17 वर्ष आयु के जिले में एक लाख 54 हजार किशोरों का टीकाकरण करना था, जिसके सापेक्ष एक लाख 49 हजार किशोरों का टीकाकरण हो चुका है। वहीं 12 से 14 वर्ष के आयु के 94 हजार बच्चों के सापेक्ष सोमवार तक 6 हजार को टीकाकरण हो चुका है। वहीं 18 वर्षसे अधिक उम्र के 16 लाख 62 हजार लोगों के सापेक्ष 17 लाख 10 हजार लोगों को टीके की डोज लगाई जा चुकी है।