जिला अस्पताल में किशोरी को कोविड की वैक्सिन लगातीं स्वास्थकर्मी।संवाद
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मऊ। कोरोना से बचने को लेकर चरणबद्ध तरीके से टीकाकरण कराया जाना जारी है। 16 मार्च से 50 से ज्यादा अस्पतालों पर 12 से 14 वर्ष के बच्चों को टीका लगाया जा रहा है। कई लाभार्थी ऐसे हैें जो खुद जागरूक होकर टीकाकरण तो करा रहे है, साथ ही दूसरों को भी प्रेरित कर रहे है। अभिभावकों का कहना है कि यह बात सही है कि कोरोना से बचाव के लिए टीका ही उपाय है। जिले में सरकार ने तीन जनवरी से 15 से 18 साल के किशोरों के लिए कोरोनारोधी टीकाकरण शुरू किया था। उस समय तीसरी लहर थी, इससे बचने के लिए अभिभावकों ने किशोरों को ज्यादा से ज्यादा टीके लगवाने में रूचि ली थी। सकारात्मक परिणाम यह हुआ है कि एक लाख 51 हजार किशोरों ने टीकाकरण कराया। वहीं 16 मार्च से 12 से 14 वर्ष आयु के बच्चों का टीकाकरण जारी है, जिले में 93 हजार बच्चों का टीकाकरण करना है। शुक्रवार को 10 हजार किशोर-किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है। जिला एवं महिला अस्पताल सहित नगर के चार अर्बन सहित 40 पीएचसी और दस सीएचसी पर टीकाकरण हो रहा है। वर्तमान में एक बूथ पर दिनभर में मुश्किल से 20 से 25 किशोर ही टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। इसकी एक वजह इस समय परीक्षाएं होना भी माना जा रहा है। उन्हें लगता है कि अगर टीका लगने के बाद बुखार या अन्य कोई समस्या हुई तो परीक्षा में बाधा आएगी। हालांकि अभी तक ऐसी कोई परेशानी नहीं हुई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि टीकाकरण कम होने की एक वजह परीक्षा चलना माना जा रहा है। उनका कहना है कि सभी अभिभावक अपने बच्चों को टीका जरूर लगवाएं और कोरोना संक्रमण के खतरे से बचाएं।