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रोजाना व्यायाम करें अस्थमा के मरीज

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मऊ। नगर के सहादतपुरा स्थित एक निजी अस्पताल के सभागार में विश्व अस्थमा दिवस मनाया गया। इस दौरान चिकित्सकों ने अस्थमा के मरीजों को रोजाना व्यायाम करने की सलाह दी। डॉ. संजय सिंह ने कहा कि अस्थमा से ग्रस्त मरीजों के सांस नलियो में सूजन आ जाती है, जिससे नलियां सिकुड जाती है। मरीज को सांस लेने मे परेशानी होती है। बदलते मौसम मे यह बीमारी काफी तकलीफ देय होती है। सांस की नलियों मे सिकुडन होने से कुछ समय बाद फेफड़े मे भी हवा भर जाती है। इससे मरीज को अस्थमा अटैक का खतरा होता है। अस्थमा के लक्षण कई चरणों में सामने आता है, जैसे अस्थमा के शुरूआती दौर में सांस लेने मे परेशानी होना, घुटन महसूस होना, निरंतर खांसी होना आदि। अस्थमा से ग्रस्त हो चुके मरीजों को सुबह और शाम के समय बलगम बनना, सांस छोडते समय सीटी बजने की शिकायत होती है। अस्थमा अटैक मे मरीजो का पल्सरेट बढ़ जाता है। तेज खांसी होती है, नाखून और होठ नीले पड़ जाते हैं। यदि मरीज मे ऐसे लक्षण दिखयी दे तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।कहा कि अस्थमा के मरीज प्रत्येक दिन व्यायाम करें।हरी सब्जी का सेवन करें। धूम्रपान न करें, तंबाकू सिगरेट आदि से दूर रहें। अस्थमा के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परार्मश ले। प्रदूषण एवं धूल के संपर्क में ज्यादा रहने से अस्थमा और सांस की तकलीफ होने का खतरा ज्यादा रहता है।
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