कलेक्ट्रेट पर मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने जाते नगर पालिका परिषद के सभासद।
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मऊ। नगर निकायों में हो रही धांधली के विरुद्ध सभासद अब खुलकर विरोध करते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को सभासदों ने जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें नपाध्यक्ष तथा ईओ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विकास कार्यो की जांच कराने की मांग की। डीएम को सौंपे ज्ञापन में सभासदों ने सात बिंदुओं पर आरोप लगाया। जिसमें बोर्ड बैठक का आयोजन नहीं करने और अंजान समाचार पत्रों में निविदा आमंत्रित कर चहेतों ठेकेदारों को ठेका देने का आरोप लगाया। जो डीजल-पेट्रोल वर्ष 2016 में करीब 12 लाख रुपये का भुगतान किया जाता था, अब वह 22 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान किया जा रहा है। साथ ही 200 फर्जी कर्मचारियों को मानदेय का भुगतान में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। वहीं नगर पालिका का करोड़ों का कार्य अपने खास लोगों को देने का आरोप लगाया। ज्ञापन देने वले सभासदों ने जिलाधिकारी से नगर पालिका में हुए विकास कार्यो की जांच कराने की मांग की, जिससे की जा रही धांधली का खुुलासा हो सके। ज्ञापन देने वालों में अल्तमश अंसारी, जहीर सेराज, खुशहाल सिंह, हब्सा जमील, रूबीना शर्फीकुर रहमान, शाहिना अरशद जमाल, मो. शहरयार, मोहम्मद इस्माईल, अब्दुल कादिर आदि सभासद मौजूद रहे।