दोहरीघाट (मऊ)। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मानदेय में बढ़ोत्तरी सहित नौ सूत्रीय मांगों को लेकर आशाओं ने सोमवार को धरना दिया।धरना दे रही आशओं ने कहा कि मानदेय नहीं बढ़ा तो आंदोलन तेज किया जाएगा।धरना देने के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने अधीक्षक को नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।ऑल इंडिया आशा बहू कार्यकर्ती कल्याण संघ की जिलाध्यक्ष संध्या राय ने कहा कि प्रदेश व केंद्र की सरकारों ने सम्मानजनक निश्चित मानदेय देने का वादा किया था। लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिला सशक्तीकरण की बात करने वाली प्रदेश की डबल इंजन वाली सरकार होने के बाद भी आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय और अन्य मांगे पूरी नहीं हो पा रही है। कोरोना काल जैसी महामारी में अपनी और अपने पारिवार की परवाह न करते हुए आशा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में पूरे मनोयोग से कार्य किया।लेकिन उनके हित की बात पर जिम्मेदार सरकार उनकी जायज मांगों पर खामोश हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई को देखते हुए हमारा न्यूनतम मानदेय 28 हजार रुपये किया जाए। इसके साथ ही भत्ता और प्रोत्साहन राशि को मानदेय में बदला जाए। आशाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए एवं आयुष्मान कार्ड बनाया जाए। आशाओं का मानदेय सीधे कोषागार से उनके बैंक खाते में भेजा जाए।आशाओं को दस लाख रुपये दुर्घटना बीमा दिया जाए।इस दौरान ज्ञानमती देवी,ममता,कंचन कुमारी,कमलेश,ऊषा,पूनम,सरिता,प्रेमशीला,मनता,चंदा यादव सहित अन्य आशाएं उपस्थित रहीं।