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मधुबन विधान सभा के प्रत्याशियों की घोषणा में देरी से दावेदारो में संशय:

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मऊ। मधुबन विधान सभा के प्रत्याशियों की घोषणा में देरी से दावेदारों में संशय बना हुआ है। मधुबन विधान सभा क्षेत्र के प्रत्याशियों की घोषणा में देरी होने से सपा और भाजपा के दावेदारों की सांसें अटकी हुई हैं। दावेदार लखनऊ में बड़े नेताओं के यहां गोटी फिट करने के प्रयास में लगे हुए हैं। दोनों पार्टियों के टिकटार्थी बड़े नेताओं की गणेश परिक्रमा कर रहे हैं। प्रत्याशियों के चयन में देरी होने से दावेदार इस चिंता में डूबे हुए हैं कि पार्टी किसे टिकट देगी और किसको मायूशी का सामना करना पड़ेगा। जिले की चारों विधान सभा सीटों में से सपा ने अभी केवल घोसी विधान सभा क्षेत्र से भाजपा छोड़ सपा में आए पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान को प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा सपा की ओर से जिले की मधुबन सहित तीनों सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गई है। इसी प्रकार भाजपा ने भी अभी तक जिले की एक भी सीट से प्रत्याशी का चयन नहीं किया है। राजनीतिक गलियारों से मिले संकेतों के अनुसार घोसी विधान सभा सीट पर दो कद्दावर नेता घोसी विधान सभा के इतर अन्य सीटों पर टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। अब पार्टी असमंजस में है। प्रत्याशियों की घोषणा में देरी का यह भी कारण बताया जा रहा है। पार्टी के जिम्मेदार नेता मंथन कर रहे हैं। उधर मधुबन विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित करने में सपा की ओर से हो रही देरी से दावेदारों में बेचैनी है। सपा की ओर से शायद भाजपा के प्रत्याशी की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है और यही रणनीति संभवत: भाजपा नेतृत्व की ओर से भी अपनाई जा रही है।वहीं सदर विधान सभा सीट से भाजपा के दावेदारों की लंबी लिस्ट है, ऐसे लोग अपने खास लोगों की मदद से टिकट पाने की जुगाड़ में बताए जाते हैं। उधर मधुबन से सपा प्रत्याशी के तौर पर लोग अपने स्तर से प्रयास में जुटे है। वहीं कांग्रेस ने यहां से पूर्व में विधायक रह चुके अमरेश चंद पांडेय को प्रत्याशी बनाया है जबकि बसपा ने नीलम सिंह कुशवाहा को प्रभारी घोषित किया है। देखना है कि सपा-भाजपा दोनों पार्टियां मधुबन सीट से किस किस को टिकट देती हैं।
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