मऊ। दो दिनों के भीतर बाहर घूमने वाले सारे निराश्रित गोवंशों को गोशालाओं में रखने की व्यवस्था पर अनिवार्य रूप से अमल करें। मवेशियों को बचाव को लेकर गोशाला के टीनशेड की चहारदीवारी बनाने का कार्य करें। यह निर्देश सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के नामित नोडल अधिकारी शेषमणि पांडे विशेष सचिव हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग ने दिए।
गोवंश संरक्षण के संबंध में आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर ने बताया कि जनपद के लिए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष गोवंश का संरक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है। ठंड के दृष्टिगत सभी गोशालाओं में अलाव एवं ठंड से बचाव के समस्त उपाय कर लिए गए हैं।
नोडल अधिकारी ने गोवंश संरक्षण से जुड़े समस्त अधिकारियों को अगले दो दिनों के अंदर बाहर घूमने वाले सारे छुट्टा पशुओं को गोशालाओं में रखने के निर्देश दिए। साथ ही उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से गोवंश संरक्षण को लेकर निस्वार्थ भाव से कार्य करने को कहा।
सहभागिता योजना के तहत कम गोवंश सौंपने पर उन्होंने इसके लिए नि:स्वार्थ भाव से टीम वर्क की भावना से कार्य करते हुए कुपोषित परिवारों को गोवंश उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस कार्य हेतु उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को भी विशेष निर्देश दिए। बैठक के दौरान नोडल अधिकारी ने कंट्रोल रूम सक्रियता, ईयर टैगिंग की स्थिति, सहित कई बिंदुओं पर भी समीक्षा की।
उन्होंने समस्त नोडल अधिकारियों को शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार जानकारी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। बैठक के उपरांत नोडल अधिकारी द्वारा विकासखंड फतेहपुर मंडाव के ग्राम सभा सिद्धाअहीलास एवं कुत्तुबपुर धनेवा में स्थित गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान गोआश्रय स्थल में एक पशु बीमार पाया गया, जिसको तुरंत इलाज हेतु निर्देशित किया गया। नोडल अधिकारी ने पशुओं के ठंड से बचने हेतु टीनशेड की चहारदीवारी बनाने के भी निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने गौआश्रय स्थल में स्थित जिन पशुओं का ईयर टैगिंग नहीं हुआ है, उनका ईयर टैगिंग कराने के निर्देश दिया।
निरीक्षण में नोडल अधिकारी द्वारा गोआश्रय स्थल में समस्त मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने एवं वहां पर कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी से प्रशांत नागर, जिला विकास अधिकारी उमेश चंद्र तिवारी, पशु चिकित्सा अधिकारी एम एम प्रसाद भी उपस्थित थे।