कलेक्ट्रेट पर भीख मांगकर विरोध प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
मऊ।आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन के तत्त्वावधान में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री एवं सहायिकाओं ने धरना दिया। धरना से पूर्व आंदोलित कर्मचारियों ने धरना स्थल से ट्रेजरी के पास तक भिक्षाटन किया। सरकार की उपेक्षा से नाराज इन महिला कर्मचारियों ने धरना स्थल पर कर्मचारी नेताओं ने प्रदेश सरकार को कोसा।जिलाध्यक्ष पूनम यादव ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें जो मानदेय दिया जाता है वह एक मनरेगा मजदूर से भी कम है। जबकि बाल पोषण से लेकर स्वास्थ्य विभाग की सारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आंगनबाड़ी कर्मचारियों की महती भूमिका है। आंगनबाड़ी कर्मचारियों को कई प्रकार के काम काज करने पड़ते हैं। यहां तक राशन कार्ड सत्यापन तक का काम उनसे लिया जाता है। फिर भी मानदेय वृद्धि के नाम पर सरकार पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है। कहा कि संगठन के निर्देश पर यह धरना मांगे पूरी होने तक चलता रहेगा। कहा कि लेबर एक्ट के अनुसार भी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का न्यूनतम मानदेय18000 रुपये होना चाहिए। इसी प्रकार सहायिका का मानदेय कम से कम नौ हजार रुपये दिया जाना चाहिए।धरना प्रदर्शन में जिला मंत्री भानमती सिंह, जिला संरक्षक राम सरीख यादव, शीला, नीलम, पुष्पा, कंचन राय, पूनम सिंह, पूनम चौहान, शिवानी राय, बिन्दुमती राय ने अपने विचार व्यक्त किए।