मऊ। जिले के आंगनबाड़ी केंद्र जल्द ही प्ले स्कूलों के रूप में नजर आएंगे। यहां तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ना-लिखना सिखाया जाएगा। केंद्रों को खूबसूरत बनाया जाएगा, जिससे बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति आकर्षित हो सकें। इसके लिए बाल विकास पुष्टाहार विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-स्कूल किट वितरित करेगा जिसमें खिलौनों के साथ ही शिक्षा प्रदान करने वाले उपकरण शामिल होंगे। सरकार की तरफ से निजी प्री प्राइमरी कक्षाओं की तर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित बाल वाटिका में शैक्षिक गतिविधि को बेहतर करने की कवायद तेज हो गई है। विभाग की तरफ से आंगनबाड़ी केंद्रों में चल रही बाल वाटिका सहित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री स्कूल किट वितरित की जाएगी। विभाग की नई पहल से तीन से छह वर्ष के बच्चों को प्री-स्कूल किट से गतिविधि और खेल आधारित शिक्षा प्रदान की जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए उन्हें चार्ट, टेबल और वॉल पेंटिंग पर बनाई हिंदी और अंग्रेजी की वर्णमाला, गिनती सिखाएंगी। बाल विकास पुष्टाहार विभाग को इन कार्यक्रमों को तेजी से आंगनबाड़ी केंद्रों पर लागू कराने की जिम्मेदारी दी गई है। जिले मेें 2587 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। यहां 1250 बाल वाटिका चल रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि जिले के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूलों के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है। सके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शीघ्र ही सभी केंद्रों में प्री स्कूल किट वितरित की जाएगी।