घोसी। करीमुद्दीनपुर स्थित मदरसा अमजदिया रिजविया परिसर में बुधवार की रात ‘उर्से अमजदी’ का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि अल्लाम अमजदी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। कार्यक्रम की शुरुआत हफीज जहांगीर अहमद की तिलावते कलामे पाक से हुआ। गुजरात से आये मौलाना मुबारक हुसैन ने कहा कि हजरत अल्लामा अमजदी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने अपने इल्म की रोशनी से जो ज्ञान दिया वह भारत ही नही विश्व के कई देशों में अपनी खुशबू फैला रहा है। कहा कि उलेमा ने समाज के अन्दर पाए जाने वाले सबसे बड़े आलिम की बात मान कर उस पर अमल किया है। इसलिए हमें भी सबसे बड़े आलिम की बात माननी चाहिए और वह जो भी नेक सलाह दे उसको अमल में लानी चाहिए। मुफ्ती शमशाद अहमद ने कहा कि मौलाना एक अजीम फकीह थे। जिसका प्रमाण उनके द्वारा लिखी पुस्तक ‘बहारे शरिया’ है। परम्परा के अनुसार शिक्षक डे का आयोजन किया गया। फजीलत के विद्यार्थियों ने अपने उस्तादों को उपहार देकर सम्मानित किया। समापन अल्लामा जियाउल मुस्तफा कादरी की दुआओं से हुआ।