मंगलवार को फाल्गुन पूर्णिमा पर साल का पहला चंद्रग्रहण मंगलवार को लगा। सुबह करीब छह बजे से सूतक लगने के कारण नगर सहित जिले के प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए और साफ-सफाई और स्नान के बाद पूजा- अर्चना की गई। मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा निवासी पं. विरेंद्र शुक्ल ने बताया कि मंगलवार को चंद्रग्रहण से नौ घंटे पहले यानी सुबह छह बजे से सूतकाल शुरू हो गया। सूतक लगने के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। शाम 6.47 बजे मोक्ष होने पर नगर के शीतला माता मंदिर, पावर हाउस स्थित श्रीराम मंदिर, रोडवेज स्थित दुर्गा मंदिर, फातिमा तिराहा स्थित दुर्गा मंदिर, कोपागंज कस्बा का गौरीशंकर मंदिर, वनदेवी मंदिर सहित जिले के प्रमुुख मंदिरों के कपाट खुलते ही उनमें धुलाई की गई और मूर्तियों को स्नान कराया गया। नई पोशाक धारण कराई गई। श्रद्धालुओं ने आरती के बाद भजन-कीर्तन किया। लोगों ने ग्रहण के उपलक्ष्य में दान-पुण्य भी किया।