मुहम्मदाबाद गोहना। अब गांवों के विकास कार्यों का लेखा जोखा ग्राम सचिवालय के कंप्यूटर में दर्ज किया जाएगा। शासन ने यह फैसला विकास कार्यों में फर्जी भुगतान रोकने और हासिल करने पर रोक लगाने को लिया है। अब यहीं से राज्य वित्त और पंद्रहवें वित्त के कार्यों का भुगतान हो सकेगा। सचिव और ग्राम प्रधानों के डोंगल को उक्त कंप्यूटर पर रजिस्टर्ड कर सॉफ्टवेयर अपलोड किया जाएगा। क्रियान्नवन को लेकर विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ग्राम पंचायतों को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने को लेकर अब गांव सचिवालय पर एमआईएस सिस्टम के माध्यम से गांव के विकास कार्यों का लेखा-जोखा पंचायत स्तर पर रखा जाएगा। इसके लिए पंचायत भवन और ग्राम सचिवालय पर लगाए गए कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर के माध्यम से नरेगा और राज्य वित्त के कार्यों की का हिसाब किताब रखा जाएगा। इसके लिए शासन से 22 अगस्त को जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार राज्य और पंद्रहवें वित्त के कार्यों का भुगतान अब केवल ग्राम पंचायत पर लगे कंप्यूटर के माध्यम से ही हो सकेगा। इसके अतिरिक्त अन्य कहीं से कोई भुगतान नहीं किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त मनरेगा के अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यों जैसे वर्क आईडी जनरेट करना, कार्यों का स्टीमेट तैयार करना, मस्टररोल की वेज लिस्ट बनाना, ई मस्टर रोल जारी करना, कार्यों में आपूर्ति की गई सामग्री के बिल वाउचर की फीडिंग, फीड की गई सामग्री की मटेरियल लिस्ट तैयार करना आदि समेत अन्य कार्यों का लेखा-जोखा रखा जाएगा। खंड विकास अधिकारी चंद्रभान मौर्य ने बताया कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार सभी सुविधाओं की तैयारी की जा रही है। इसके लिए ग्राम सचिवों को निर्देशित किया गया है। ग्रामीणों कोे अब कार्यों के लिए ब्लॉक स्तर पर अनावश्यक भाग दौड़ नहीं करनी होगी।