नगर के भीटी में चीन का पुतला फूंकते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता।
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मऊ। पूर्वी लद्दाख के गलवन क्षेत्र में चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सेना पर किए गए हमले से जनपदवासी आक्रोशित हैं। घटना के विरोध में विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने चीन के राष्ट्रपति शी जिपनिंग का पुतला फूंका। साथ ही जमकर नारेबाजी किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला फूंका। साथ ही जमकर नारेबाजी किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने नगर में भारत माता के वीर जवानों पर चाइना द्वारा हमले को लेकर तथा भारत माता के वीर जवानों के शहीद होने पर उनको नमन करते हुए भारत माता की जय, वंदे मातरम का जयकारा लगाया। साथ ही चाइना मुर्दाबाद, चीन तेरी तानाशाही नहीं चलेगी, नहीं चलेगी, चीन जैसे गद्दारो को जूता मारो आदि नारा लगाया। चाइना सामान का बहिष्कार करने को लेकर नगर के भीटी चौराहे पर विभिन्न कॉलेज इकाइयों के छात्रों के साथ चाइना का गुस्सा भरा विरोध किया गया। इस दौरान भीटी के सभी आते जाते राहगीरों ने भी अपनी गुस्सा दिखाया। इस अवसर परजिला संगठन मंत्री वीर प्रताप, श्यामजी उपाध्याय, सूरज मल्होत्रा, आनंद सिंह, शुभम मद्धेशिया, सौरभ श्रीवास्तव, आयुष चौरसिया, अविनाश सिंह, शुभम, सन्नी मद्धेशिया आदि उपस्थित रहे। वहीं, स्वदेशी जागरण मंच के सदस्यों तथा पदाधिकारियों ने नगर के भीटी चौराहे पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला दहन किया। जवानों की शहादत से आक्रोशित लोगों ने चीन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की और उसके घृणित कार्यों के विरुद्ध चीनी सामानों की होली जलाई गई। वक्ताओं ने कहा कि चीन के साथ कोई भी आर्थिक संबंध देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा है। इसलिए चीन के साथ सरकारी एवं गैर सरकारी हर प्रकार के आर्थिक संबंध समाप्त कर दिए जाएं। पुतला दहन में डॉ. चंद्र प्रकाश राय, पंकज तिवारी, मुकेश जायसवाल, विपिन सिंह, रवीश तिवारी, विशाल पांडेय, शुभम सिंह, प्रदीप राव, राजकुमार यादव, शरद राय, सूर्यप्रकाश बरनवाल, अरुण मौर्य, हरिगोविंद तिवारी, रमेश यादव, चंद्रशेखर मद्धेशिया, प्रशांत पांडेय और मुकेश तिवारी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।