मऊ। चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के दो मामलों में आरोपी अब्बास अंसारी की बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कासगंज जेल से पेशी हुई। मामले में आरोप तय होना था, लेकिन सभी आरोपी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी/एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी ने आरोप तय करने के लिए 19 मई की तिथि नियत किया।
दोनों मामले शहर कोतवाली क्षेत्र के हैं। पहले मामले में एसआई राजेश कुमार वर्मा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप है कि 27 फरवरी 22 को विधानसभा चुनाव के दौरान सुभासपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने बिना अनुमति के राजाराम पुरा से भरहु का पूरा तक रोड शो निकाला था। इसमें 5-6 गाड़ियां और 100-150 लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, गणेश दत्त मिश्रा, मंसूर अंसारी, मोहम्मद ईशा खान, शाहिद लारी, शाकिर लारी, जुल्फेकार और धर्मेंद्र सोनकर के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। सीजेएम एमपी/एमएलए श्वेता चौधरी ने मामले में आरोपियों पर आरोप तय करने के लिए 19 मई की तिथि नियत की है।
दूसरे मामले में उप निरीक्षक आदर्श श्रीवास्तव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि विधानसभा का चुनाव जीतने के बाद अब्बास अंसारी ने 10 मार्च 21 को बिना अनुमति के अपने समर्थकों के साथ विजय जुलूस निकाला। इससे सड़क जाम हो गई। शहर कोतवाली पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर विधायक अब्बास अंसारी, गणेशदत्त मिश्रा, मोहम्मद मुशा आदि के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया है। मामला सीजेएम/एमपी एमएलए कोर्ट में विचाराधीन है। इसमें आरोप तय होना था लेकिन सभी आरोपी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इस पर सीजेएम एमपी/एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी ने मामले में आरोप तय करने के लिए 19 मई की तिथि नियत की है।