मऊ। बीते विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन और हेट स्पीच के दो मामलों में आरोपी विधायक अब्बास अंसारी की सोमवार को कासगंज जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। सीजेएम/ एमपी एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी ने मामले में अन्य आरोपियों की हाजिरी के लिए 15 जुलाई की तिथि तय की। पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप था कि 3 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा की। इस दौरान कहा कि जनपद मऊ के प्रशासन को चुनाव के बाद जवाब दिया जाएगा। पुलिस ने विवेचना में सदर विधायक अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जनपद के पुरानी कचहरी यूसुफपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। मामले में उमर अंसारी के विरुद्ध गैरजमानती वारंटी जारी है। सुनवाई के बाद सीजेएम ने मामले में 15 जुलाई की तिथि तय की।
दूसरा मामला दक्षिणटोला क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन निरीक्षक पंकज कुमार सिंह की तहरीर पर 12 फरवरी 22 को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में पुलिस ने विवेचना कर आरोपित कोर्ट में प्रेषित किया। मामले में अभियुक्तों की हाजिरी के लिए 15 जुलाई की तिथि तय की। बता दें कि दोनों मामलाें में आरोपियों की हाजिरी कराई जानी है। उमर अंसारी के कोर्ट में उपस्थित न होने पर उसके विरुद्ध पहले से ही गैरजमानती वारंटी जारी किया गया है। अबतक उसे न तो पुलिस गिरफ्तार कर कर सकी न ही उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया।