मऊ। बीते विधानसभा चुनाव के दौरान नफरती भाषण सहित चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के तीन मामलों में आरोपी विधायक अब्बास अंसारी की बुधवार को कासगंज जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हुई। सीजेएम ने दो मामलों में 23 अक्तूबर और एक मामले में 16 अक्तूबर की तारीख दी। इसमें दो मामला शहर कोतवाली और एक दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का है।
पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। मामले में अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप था कि 3 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान कहा कि जनपद मऊ के प्रशासन को चुनाव के बाद रोककर हिसाब करने व इसके बाद सबक सिखाने की धमकी मंच से दी गई थी। पुलिस ने विवेचना में मामले में सदर विधायक अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जनपद के पुरानी कचहरी यूसुपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया है।
मामले में उमर अंसारी कोर्ट में उपस्थित हुए, उनकी गैरहाजिरी माफी का प्रार्थना दिया गया था। वही अब्बास अंसारी की वीसी से पेशी हुई। सीजेएम ने मामले में जीरह के लिए 16 अक्तूबर की तिथि नियत किया।
दूसरा मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन निरीक्षक पंकज कुमार सिंह की तहरीर पर 12 फरवरी 2022 को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में पुलिस ने विवेचना कर अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, साकिब लारी,शाहिद लारी,इशराईल अंसारी और रमेश राम के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया है। धारा 133 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत संज्ञान लिया है। जिसमें आरोप तय करने के लिए आरोपियों का बयान दर्ज होना है। सीजेएम ने आरोपियों का बयान के लिए 23 अक्तूबर की तिथि नियत किया।
तीसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। मामले मेंं अभियोजन के अनुसार एसआई राजेश कुमार वर्मा की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई।आरोप है कि 27 फरवरी 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सुभासपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने बिना अनुमति के राजाराम पुरा से लेकर भरहु का पूरा तक रोड शो निकाला। पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, गणेश दत्त मिश्रा, मंसूर अंसारी, मोहम्मद ईशा खान, शाहिद लारी, शाकिर लारी, जुल्फेकार और धर्मेंद्र सोनकर के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। मामले में उच्च न्यायालय ने आरोपियों पर किसी प्रकार की उत्पीडात्मक कार्यवाही पर रोक लगाया है। सीजेएम ने मामले में अगली तारीख 23 अक्तूबर दी है।