मऊ/कोपागंज। प्रधानमंत्री आवास एक गरीब महिला को स्वीकृत हुआ लेकिन उसकी रकम किसी और के खाते में भेज दी गई। इतना ही नहीं घपलेबाजों ने आवास में भुगतान की जानी वाली जाबकार्ड मजदूरी भी लाभार्थी की बजाए दूसरे बैंक खाते में भेज दी। महिला अब बीडीओ से लेकर अन्य दफ्तरों के चक्कर लगा रही है। आखिरकार उसने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थनापत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई। मामला कोपागंज ब्लाक के दर्पनारायनपुर गांव का है। गांव निवासी कैलाश यादव शहर के एक चिकित्सक के यहां काम करके परिवार का गुजर बसर करता है। उसके पास कोई आवास नहीं है। पत्नी गीता ने प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया था। नवंबर 2021 में उसका आवेदन स्वीकृत हो गया। इसके बाद गीता आवास का पैसा खाते में आने की बाट जोहने लगी। लेकिन खाते में रकम नहीं आई तो गीता ब्लाक मुख्यालय पर पता करने गई। ब्लाक के बाबुओं ने बताया कि उसके आवास की सभी किश्तों का सारा पैसा चला गया है। यह भी बताया कि आवास निर्माण में लगने वाली मजदूरी भी भेजी जा चुकी है। ब्लाक से मिली जानकारी से गीता हैरान रह गई। उसने ब्लाक से लेकर जिला मुख्यालय तक भाग दौड़ की लेकिन उसे आवास का पैसा नहीं मिला। थकहार कर उसने बीडीओ, मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर आवास की रकम खाते में भेजवाने की गुहार लगाई है। आवास स्वीकृत होने पर पहली किश्त के रूप में 40 हजार रुपये लाभार्थी के खाते में भेजे जाते हैं। आवास के कमरों की नींव पूरी हो जाने के बाद फोटो के साथ रिपोर्ट भेजने पर दूसरी किश्त के 40 हजार रुपये भेजे जाते हैं। इसके बाद छत और शौचालय आदि के लिए 20-20 हजार रुपयों की दो किश्तें भेजी जाती हैं। खंड विकास अधिकारी हरिमोहन सिंह ने बताया कि लाभार्थी को बैंक पास बुक, आधार के साथ 15 अगस्त के बाद बुलाया गया है। प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि कोई दोषी पाया जाएगा तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।