मऊ। शासन ने आधार कार्ड हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य कर दिया है। उसी प्रकार जिले के सरकारी तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में बच्चों का दाखिला कराने के लिए भी आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। सरकारी विद्यालयों में दाखिला कराने वाले बच्चों का आधार कार्ड विभाग की तरफ से एक सप्ताह के अंदर बनवाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जिले में जिले में 1469 परिषदीय स्कूलों, 94 सहायता प्राप्त विद्यालय तथा 56 समाज कल्याण में 1.70 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। शासन से विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को दो सेट यूनिफार्म, एक स्वेटर, एक बैग, जूता-मोजा, एमडीएम, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक सहित तमाम योजनाओं का लाभ दिया जाता है। कई छात्र अलग-अलग विद्यालयों में नामांकन कर योजनाओं का लाभ ले लेेते थे। योजनाओं में पारदर्शिता के मद्देनजर शासन की तरफ से विद्यालयों में दाखिला लेने वाले बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। आधार कार्ड न होने की स्थिति में भी बच्चों को विद्यालय में प्रवेश ले लिया जाता है। प्रवेश लेने के एक सप्ताह के अंदर विभाग की तरफ से बच्चे का आधार कार्ड बनवा दिया जाता है। प्रत्येक बीआरसी पर आधार कार्ड बनवाने की दो मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों का दावा है आधार कार्ड बन जाने के बाद बच्चे का दो विद्यालयों में एडमिशन नहीं हो पाएगा। साथ ही फर्जी नामांकन पर रोक लग जाएगी। विद्यालयों में अभी एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है। इस बाबत बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह का कहना है कि शासन की ओर से आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। आधार बनने से फर्जीवाड़े पर काफी हद तक रोक लगी है। दो जगहों पर कोई एडमिशन नहीं करा सकेगा।