कोपागंज। नगर पंचायत में थाने के पीछे कोपाकोहना में स्थित पोखरा धार्मिक महत्व का है। छह महीने पहले इसके सुंदरीकरण के लिए 30 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन आज तक इसका सुंदरीकरण कार्य नहीं हो सका। पोखरे में नाले का गंदा पानी गिरने से यह अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। नाले का पानी गिरने से पोखरा दूषित हो चुका है। इसका पानी पूरी तरह काला हो गया है। इसके सुंदरीकरण व साफ सफाई के लिए कई बार योजनाएं बनाई गईं। पांच माह पहले पोखरे की पैमाइश हुई और सुंदरीकरण के लिए 30 लाख रुपये प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन समय के साथ यह प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में चली गई। पोखरे के सुंदरीकरण की मांग और सफाई का मुद्दा लोकसभा चुनाव में जोर पकड़ रहा है। ये पोखरा धार्मिक महत्व का है। यहां कस्बेवासी और आसपास के ग्रामीण छठ पूजा सहित अन्य धार्मिक क्रियाएं करते हैं। इस संबंध में रितेश चौरसिया, गोविंद खरवार, मनोज चौरसिया ने बताया कि पोखरे का गंदा पानी होने के कारण लोग नहाने धोने और पूजा पाठ से परहेज करने लगे हैं। पहले गांव के लोग इसमें पशुओं को नहलाते थे। लेकिन अब वो भी नहीं आते हैं।
जहां मिली खाली जगह बन गया डंपिंग ग्राउंड
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एनजीटी के आदेश के उड़ रही धज्जी:
बेअसर साबित हो रहा डंपिंग ग्रांउड बनाने का आदेश:
संवाद न्यूज एजेंसी
घोसी। नगर पंचायत क्षेत्र में जहां खाली जगह मिल रही है। वहीं डंपिंग ग्राडंड बना दिया जा रहा है। कई जगहों पर खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। ऐसा कर नगर पंचायत प्रशासन एनजीटी (राष्टीय हरित प्राधिकरण) के आदेश की अनदेखी कर रहा है जिसमें उसे अनिवार्य रूप से डंपिंग ग्रांउड बनाने का आदेश दिया गया है। नगर पंचायत घोसी में 18 वार्ड हैं। वार्डो से प्रतिदिन लगभग 10 टन कूड़ा निकलता है। लेकिन डंपिंग ग्राउंड बनाना तो दूर अभी जमीन ही चिंहित नहीं की जा सकी है। डंपिंग ग्राउंड के अभाव में कचरे का ढेर खाली स्थानों पर लगा दिया जा रहा है। कई स्थानों पर सड़क के किनारे ही कचरे को फेंक दिया जा रहा है। जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी नागेंद्र उर्फ जीत मद्धेशिया, चंदू, अरविंद पांडेय ने बताया कि सड़क के किनारे सहित जगह-जगह डंप कचरे से लोग परेशान हो रहे हैं। बदरुद्दीन उर्फ गुड्डू ने बताया कि स्वच्छता मुहिम का संदेश देने वाले जिम्मेदार खुद कचरा डंप कर रहे हैं। खुले में डंप कचरा से उठने वाली भीषण दुर्गंध से संक्रामक बीमारियों के फैलने की संभावना बढ़ गई है।नगर पंचायत को इस समस्या के समाधन को लेकर कई बार शिकायती पत्र दिया गया लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि वार्ड से निकलने वाले कचरे को लेकर डंपिग ग्राउंड के लिए जमीन चिंहित करने का प्रयास जारी है।
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राजमार्ग के किनारे खुले में ट्रांसफार्मर, निगम को हादसे का इंतजार
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुसुम्हा। विकासखंड दोहरीघाट के ग्राम सभा गोठा बाजार में नेशनल हाईवे 29 रोड के किनारे व मोटर तथागत के ठीक सामने खुले में ट्रांसफार्मर रखे जाने से लोग भयभीत है। जिस स्थान पर ट्रांसफार्मर रखा गया है, वहां रोजाना स्कूली बच्चों के साथ बाजारवासियाें के साथ आस- पास क्षेत्र के लोग भी आते है। गाेंठा में सप्ताह में 2 दिन बड़ी बाजार लगती है। रविवार व बृहस्पतिवार को और बाजार के दिन अक्सर रोड जाम होने के कारण लोग अगल-बगल से गुजरते हैं। ग्रामीण ट्रांसफार्मर के पास जाली लगाने की मांग को लेकर कई बार बिजली निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों से लिखित शिकायत किया। लेकिन बार-बार विभाग के द्वारा टाल दिया जाता है। गांव के जयप्रकाश राय, राजकुमार गुप्ता, पवन कुमार राय सहित लोगों का कहना है बाजार के दिन सबसे ज्यादा परेशानी होती है। बिजली निगम के अधिकारी सब कुछ जानकर भी मौन है, शायद निगम को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।