सिपाह स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीज का चेकअप करते डा.प्रवेश सिंह। संवाद
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मऊ/मधुबन। दुनिया में भगवान के बाद डाक्टर ही वो शख्स है जिसे इंसान धरती के देवता का दर्जा देते हैं। ऐसे कई डाक्टर हैं जो सेवा भाव तथा अपने फर्ज के प्रति समर्पित रहते हुए लोगों की सेवा कर रहे हैं। ऐसे ही एक चिकित्सक हैं जो चीन से एमडी की पढ़ाई के बाद जिले के एक ग्रामीण क्षेत्र में बनी पीएचसी में न केवल पांच वर्षों से मरीजों की सेवा कर रहे बल्कि अस्पताल परिसर में ही आवास बनाकर 24 घंटे मरीजों का उपचार कर रहे हैं। मधुबन तहसील के सिपाह इब्राहिमाबाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आजमगढ़ जिले के रामगढ़ सिंहपुर निवासी डॉ. प्रवेश कुमार सिंह ने चीन के हवई मेडिकल यूनिवर्सिटी से 2010 में एमबीबीएस तथा 2014 में शंघाई यूनिवर्सिटी से एमडी पीडियाट्रिक की शिक्षा ली। इसके बाद उनकी पहली तैनाती 2015 में सिपाह इब्राहिमाबाद पीएचसी पर हुई। वह बीते सात वर्षों से इसी अस्पताल परिसर में है। बकौल डॉ. प्रवेश, वह सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक मरीजों का उपचार अपने साथी डॉ. दानिश इकबाल के साथ करते हैं। उन्होंने मरीजों को हिदायत दे रखी है कि तबीयत खराब होने पर वह कभी भी उनसे संपर्क कर सकते हैं। चूंकि आवास भी अस्पताल परिसर में है ऐसे में उन्हें इलाज करने में दिक्कतें भी नहीं आतीं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में लंबे समय से रहने की बात पर कहा कि किसान परिवार से ताल्लुक है, जिससे ग्रामीणोें का दुखदर्द भलीभांति समझते हैं। यहां मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे में त्वरित इलाज मुहैया कराना सबसे बड़ा सुख है। सीएमओ डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि डॉ. प्रवेश अस्पताल परिसर में बने आवास में रहकर अस्पताल में आने वाले मरीजों का उपचार करते हैं। अस्पताल के साथी डॉ. दानिश इकबाल, फार्मासिस्ट तपस्वी यादव, लैब सहायक चंद्र शेखर राय, वार्ड ब्याय बृजेेश कुमार, स्टॉफ नर्स शालिनी, दाई सुभावती भी कहते हैं कि वह न केवल मरीजों का बेहतर उपचार करते है बल्कि साथियों की भावनाओं का ख्याल रखते हैं।