मधुबन। क्षेत्र के सुल्तानपुर बारहगांवा के उसुरी में पुराने खड़ंजे को उभार कर मरम्मत कार्य में मानक की अनदेखी करने पर ग्रामीण भड़क गए। गुस्साए लोगों ने खराब ईंट प्रयोग करने, खड़ंजे में ज्यादा गैपिंग व टुकड़ी का प्रयोग करने पर कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों ने मौके पर जमकर प्रदर्शन किया। उसुरी के लोगों की सुविधा के लिए पांच सौ मीटर खड़ंजा तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा लगवाया गया था। खड़ंजा न होने से बरसात के दिनों में ग्रामीणों को आवागमन में असुविधा हो रही थी। छह, सात वर्ष पूर्व बने इस खड़ंजे में कहीं-कहीं दबक आ गई थी। एक सप्ताह से उस खड़ंजे को उखाड़ने का काम शुरू किया गया तो लोगों ने राहत की सांस ली। खड़ंजा उभारने के बाद बिना मिट्टी डाले ही अप्रशिक्षित मजदूरों से खड़ंजा का काम उसी ईंट से शुरू करा दिया गया। निर्माण के दौरान टुकड़े से लेकर ईंटों के बीच अधिक दूरी तथा घटिया ईंट लगाते देख कर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और नारेबाजी करते हुए काम रुकवा दिया। मौके पर जुटे प्रकाश नारायन मल्ल, शिवशरन मल्ल, महेश मल्ल, नारायण मल्ल,जगदीश मल्ल, सनाउल हक, सचिंद्र मल्ल, ज्ञान मल्ल, श्रीकांत, अवनीश आदि ग्रामीणों का कहना था कि मानक के अनुरूप कार्य नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होंगे।