मऊ। जिला जेल में अवैध कैंटीन का संचालन हो रहा है। यहां कैदियों को पूड़ी, मनपसंद सब्जी, जलेबी, फ्राई की हुई दाल, सलाद, अंडे, मांस, मदिरा, पान मसाला, गुटखा, सिगरेट आसानी से मिल जाता है। सूत्रों के अनुसार कैंटीन का संचालन जेल में तैनात एक सिपाही करता है। जिला जेल में मंदिर के पीछे तनहाई बैरक में अवैध रूप से कैंटीन का संचालन होता है। जिला जेल में रविवार को जांच के दौरान गेट के बगल में अंडे, सब्जियां और अन्य सामान लदे एक टेंपो पर अधिकारियों की नजर नहीं पड़ी। अधिकारियों के जाने के बाद टेंपो का सामान जेल की अवैध कैंटीन में रख दिया गया। असरदार और पैसे वाले कैदी इस कैंटीन से सामान खरीदते हैं। कैंटीन का संचालन जेल में तैनात एक सिपाही करता है। कैंटीन में पूड़ी, मनपसंद सब्जियां, अरहर अथवा मूंग की फ्राई की हुई दाल, सलाद, अंडे, रोटी, मांस, मदिरा, पान मसाला, गुटखा, सिगरेट आदि मिल जाता है। लेकिन इसके लिए कैदियों को ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं। पिछले दिनों जेल में एक कैदी की मौत के बाद हुए हंगामे और डिप्टी जेलर पर प्राणघातक हमले के बाद इस कैंटीन को बंद कर दिया गया था। लेकिन कुछ दिनों से फिर से संचालन शुरू हो गया। सूत्र बताते हैं कि कैंटीन में थाली के हिसाब से भोजन मिलता है। सुबह गरम जलेबी भी बिकती है। हालांकि जेलर कमलेश सिंह कैंटीन के संचालन से इनकार करते हैं।