मधुबन। जिले का मधुबन तहसील क्षेत्र विकास के मामले में भले ही पिछले पायदान पर हो लेकिन शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी स्थान बनाए हुए है। विगत कई वर्षों से यहां के छात्र-छात्रा प्रदेश व जिले में स्थान बनाने में सफल रहते हैं । वैसे तो मऊ जिले में यूपी बोर्ड से संचालित विद्यालयों की संख्या 520 है। इसमें 100 विद्यालय मधुबन तहसील क्षेत्र में मौजूद है। लेकिन हर वर्ष मधुबन क्षेत्र से सर्वाधिक टॉपर छात्र छात्राएं जिले का नाम रोशन करते हैं। इस बार संत कबीर चचाईपार की हर्षिता सिंह और ईशा यादव दोनों ने 95 प्रतिशत अंक अर्जित कर पूरे प्रदेश में छठवां स्थान प्राप्त कर मधुबन के साथ जिले का नाम रोशन किया। बीते वर्ष भी हाईस्कूल की परीक्षा में प्रदेश की टॉप टेन की सूची में स्थान बनाई थी। इसमें क्षेत्र की गरिमा यादव 93.33 प्रतिशत, आरती मल्ल 93.17 प्रतिशत और आरती यादव 93% अंक प्राप्त कर प्रदेश की टॉप टेन की सूची में क्रमश: आठवां, नौवां और दसवां स्थान प्राप्त की थी। इसीक्रम में इंटरमीडिएट परीक्षा में इसी क्षेत्र के प्रशांत सिंह ने 89.80 प्रतिशत अंक पाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। जबकि विकास की बात करें तो जिले का सबसे पिछड़ा क्षेत्र में मधुबन है। घाघरा नदी का किनारा होने के साथ बलिया देवरिया जिले का बॉर्डर इस क्षेत्र से लगा हुआ है। अगर बात की जाए विकास की तो क्षेत्र की तमाम बदहाल सड़के अपनी हालत पर आंसू बहा रही हैं। वहीं शिक्षा क्षेत्र में राजकीय डिग्री कॉलेज की घोषणा तो हो गई। विद्यालय भी चिन्हित करके भेज दिया गया। लेकिन शासन प्रशासन द्वारा उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं के लिए इंटरमीडिएट की परीक्षा के बाद उच्च शिक्षा लेने में सक्षम नहीं हो पाती हैं।