मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रमोद कुमार सिंह ने जालसाजी के दो मामलों में सुनवाई के बाद रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश शहर कोतवाल को दिया है।
पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के राजपुताना दक्षिणटोला मुहल्ला निवासी विजय कुमार सिंह पुत्र शिवशंकर सिंह ने दाखिल किया। इसमें सरायलखंसी थाना क्षेत्र के इंदरपुर निवासी श्यामधारी को आरोपी बनाया। वादी का आरोप है कि आरोपी ने अपनी जमीन को बेचने के लिए एक मुआयदा बय किया। लेकिन जालसाजी करके मुआयदा बय में अपनी जमीन का उल्लेख न कर सरकारी जमीन का मुआयदा बय कर दिया। मामले में सुनवाई के बाद सीजेएम ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश शहर कोतवाल को दिया। दूसरा मामला भीटी निवासी अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने दाखिल किया था। इसमें दोहरीघाट थाना क्षेत्र के सूरजपुर हासापुर गांव निवासी ज्ञानचंद पुत्र शिवप्रसाद और यूबीआई की शाखा घोसी के प्रबंधक को आरोपी बनाया। वादी का आरोप है कि आरोपी ने उसके एक जमीन और मकान का बैनामा 29 लाख 60 हजार रुपये में किया। लेकिन उक्त जमीन पर यूनियन बैंक का तीन लाख रुपये का लोन था। लेकिन आरोपी ने उसे बताया नहीं। वादी को इस बात की जानकारी तब हुई, जब बैंक की ओर से मकान और जमीन को कुर्की की नोटिस चस्पा हुई। मामले की सुनवाई के बाद सीजेएम ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश शहर कोतवाल को दिया।